बैकुंठपुर। कोरिया जिला के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत सोनहत विकासखंड के ग्राम पंचायत बसवाही में होली का पर्व तय तिथि से आठ दिन पहले ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मना लिया गया। सोमवार को गांव की गलियां मांदर की थाप, फाग गीतों और रंग-गुलाल से सराबोर रहीं, जहां बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्सव में झूमते नजर आए।
ग्रामीणों का मानना है कि समय से पहले होली मनाने से गांव को अनहोनी घटनाओं और दैवीय प्रकोप से सुरक्षा मिलती है। इसी गहरी धार्मिक आस्था के चलते यहां यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है।
पूरा गांव रंग में रंगा
होली के विशेष आयोजन में पूरा बसवाही गांव मानो एक ही रंग में रंग गया। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुन पर लोग नाचते-गाते दिखे, वहीं मांदर की थाप ने उत्साह को दोगुना कर दिया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाइयां दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
दशकों पुरानी परंपरा
गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि यह कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि पूर्वजों से चली आ रही धार्मिक मान्यता है। यहां हर वर्ष कैलेंडर की निर्धारित तिथि से ठीक आठ दिन पहले सम्मत होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन पूरे गांव में होली खेली जाती है।
देवी-देवताओं की कृपा का विश्वास
ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय से पहले होली नहीं मनाई गई तो गांव के देवी-देवता नाराज हो सकते हैं, जिससे अनिष्ट होने की आशंका रहती है। इसी विश्वास और आस्था के कारण बसवाही गांव में होली का पर्व पहले ही हर्षोल्लास के साथ मना लिया जाता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष देश-प्रदेश में 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी, जबकि बसवाही गांव में यह रंगोत्सव पहले ही परंपरागत श्रद्धा के साथ संपन्न हो चुका है।