रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नागरिकों की सुविधा के लिए निगम के सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व कार्यालय 26 मार्च से 31 मार्च तक शासकीय अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे। इस दौरान करदाता अपने-अपने जोन कार्यालय जाकर बकाया संपत्ति कर जमा कर सकेंगे।
निगम ने करदाताओं की सुविधा के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। अब नागरिक ‘मोर रायपुर’ ऐप या निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। इस सुविधा से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लोगों को कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक हो गई है।
बड़े बकायादारों को सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग ने बड़े बकायादारों को सख्त चेतावनी जारी की है। स्पष्ट कहा गया है कि यदि समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई की जाएगी। निगम ने अपील की है कि कार्रवाई से बचने के लिए सभी बकायादार जल्द से जल्द अपना बकाया अदा करें।
31 मार्च के बाद लगेगा 17% अधिभार
निगम प्रशासन के अनुसार, सभी करदाताओं को 31 मार्च 2026 तक अपने बकाया कर का भुगतान करना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि के बाद बकाया राशि पर 17 प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा और नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए समय पर अपने बकाया कर का भुगतान करें, ताकि शहर के समग्र विकास कार्यों को गति मिल सके। निगम का कहना है कि संपत्ति कर से प्राप्त राजस्व का उपयोग सड़क, सफाई, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है, इसलिए समय पर कर जमा करना हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करता है।
साथ ही, निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 से पहले भुगतान कर देने पर नागरिकों को न केवल अतिरिक्त 17 प्रतिशत अधिभार से राहत मिलेगी, बल्कि कुर्की, सीलबंदी जैसी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से भी बचा जा सकेगा। ऐसे में सभी करदाताओं से अनुरोध है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने देय कर का भुगतान कर दें।