125 अफसरों का तबादला, इनमें 35 अपर और 45 डिप्टी कलेक्टर शामिल

रायपुर। राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। इनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, रायपुर विकास प्राधिकरण और राज्य निर्वाचन आयोग समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों व संस्थानों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश के अनुसार 35 अपर कलेक्टर, 11 संयुक्त कलेक्टर, 45 डिप्टी कलेक्टर और 34 वरिष्ठ श्रेणी/प्रवर श्रेणी अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादले के तहत पुलक भट्टाचार्य उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, अतिरिक्त प्रभार अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय है, इसके साथ ही अब अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सूडा रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

रायपुर के अपर कलेक्टर नवीन कुमार ठाकुर को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग की अपर कलेक्टर योगिता देवांगन को कोरबा, गरियाबंद के अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत को सक्ती, सरगुजा के अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर को सूरजपुर और जशपुर के अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू को बेमेतरा भेजा गया है।

4 पूर्व मंत्रियों के ओएसडी का वनवास खत्म हुआ
राज्य प्रशासनिक सेवा के थोक में हुए तबादलों में सबसे खास बात पूर्व कांग्रेसी मंत्रियों के चार ओएसडी का वनवास खत्म होने की है। पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया के ओएसडी राजेश कुमार पात्रे को दंतेवाड़ा अपर कलेक्टर से प्रबंधक एनआरडीए बनाया गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी डॉ. उमेश पटेल कलेक्टर कार्यालय कोरिया से बिलासपुर भेजा गया है और देवेंद्र प्रधान को संयुक्त कलेक्टर बलरामपुर से उप संचालक स्वास्थ्य रायपुर का जिम्मा दिया गया है।

इसके अलावा पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया के ओएसडी गिरधारी लाल यादव को मुंगेली से फिर बालोद भेज दिया गया है। सूची में एक ही बैच के अपर कलेक्टर को एक ही जिले में पदस्थ किया गया है, अमूमन ऐसा बहुत कम होता है। उदाहरण के तौर पर सुनील नायक और राजीव कुमार पांडेय 2013 बैच के हैं, दोनों को अपर कलेक्टर जशपुर बनाया गया है। इसके अलावा 2013 बैच के प्रदीप कुमार साहू और निष्ठा पांडेय को बेमेतरा का अपर कलेक्टर बनाया गया है।

जब सूची को गौर से देखा गया तो बालेश्वर राम, महेश सिंह राजपुत, गिरधारी लाल जैसे आठ अफसर ऐसे भी मिले जो कुछ महीने पहले जिन जिलों में थे, दोबारा वहीं पहुंच गए।