रायपुर। सड्डू स्थित एक मॉल में आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क वसूलने को राज्य उपभोक्ता आयोग ने अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। आयोग ने मॉल प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम का आदेश बरकरार रखा है। इसमें उपभोक्ताओं से पार्किंग शुल्क नहीं लेने और मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
राज्य आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने 24 सितंबर को फैसला सुनाया। आयोग ने मॉल प्रबंधन को परिवादी को मानसिक संताप के लिए 50 हजार और वाद व्यय के 5 हजार रुपए समेत कुल 55 हजार रुपए देने का आदेश दिया है। राशि 45 दिन में देनी होगी।
तय अवधि में भुगतान नहीं होने पर आदेश की तारीख से 7% सालाना ब्याज भी देना होगा। आयोग ने कहा कि मॉल दुकानदारों से एसी, बिजली, सुरक्षा और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का मेंटेनेंस शुल्क लेता है। ऐसे में उपभोक्ताओं और कर्मचारियों से अलग से पार्किंग शुल्क लेना सेवा में कमी है। बिना अधिकार पत्र फास्टैग से स्वतः राशि काटना भी अनुचित व्यापार व्यवहार है। मौके पर 10 मिनट की मुफ्त पार्किंग या ड्रॉप-ऑफ की जानकारी देने वाला बोर्ड भी नहीं था।