जेनेवा में वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन की बैठक, भारत ने दोहराई प्रतिबद्धता

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (आईएलसी) के दौरान वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन (जीसीएसजे) के समन्वय समूह की बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं और उन्होंने 11 जून 2026 को आयोजित इस बैठक में भाग लिया।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा वर्ष 2023 में स्थापित वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन एक बहु-हितधारक मंच है, जिसका उद्देश्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को ठोस कार्यों में परिवर्तित करना है। यह गठबंधन विभिन्न देशों, संगठनों और सामाजिक भागीदारों को एक मंच पर लाकर बहुपक्षीय प्रणाली में सामंजस्य, समन्वय और दक्षता बढ़ाने का कार्य करता है।
बैठक के दौरान शोभा करंदलाजे ने आईएलओ के महानिदेशक, बांग्लादेश, मोल्दोवा, ब्राजील और स्विट्जरलैंड के श्रम मंत्रियों, बेल्जियम के उप मंत्री तथा अन्य प्रमुख भागीदारों से मुलाकात की। इस दौरान सामाजिक न्याय, श्रम अधिकारों और वैश्विक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत ने आईएलओ, विभिन्न सरकारों, नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग का भरोसा भी जताया।
भारत ने कहा कि वह गठबंधन के अगले चरण में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार है। इसके तहत समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, जिम्मेदार व्यावसायिक कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायसंगत और लचीले श्रम बाजारों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।