नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जिले की गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। वर्ष 2022-23 से अब तक जिले की 27,053 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
योजना के तहत प्रथम संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर शिशु के टीकाकरण पूरा होने तक दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं दूसरी संतान के रूप में कन्या जन्म पर अतिरिक्त 6,000 रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।
– 14,423 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 4.32 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए।
– 8,211 महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 1.64 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए।
– 4,420 माताओं को दूसरी संतान पर बेटी जन्म होने पर 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई।
लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन, दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन किया। कई महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने के लिए भी किया।
जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा, “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव, समय पर जांच और नवजात शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण को बढ़ावा मिल रहा है। यह राशि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और कुपोषण की लड़ाई में भी सहायक सिद्ध हो रही है।”
जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से योजना का लाभ अंतिम पात्र महिला तक पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है।
योजना शुरू होने के बाद जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया है। यह योजना न सिर्फ स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे सुनिश्चित कर रही है, बल्कि बेटी जन्म को प्रोत्साहित कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी माध्यम बन रही है।