भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से दयाराम के परिवार को मिला आर्थिक संबल

रायपुर: सीमित आय, रोज़ की मजदूरी और परिवार की बढ़ती जरूरतों के बीच जीवनयापन कर रहे सक्ती जिले के ग्राम नंदौर कला के दयाराम सतनामी के परिवार के लिए राज्य सरकार की भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना नई उम्मीद लेकर आई है। इस योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है और भविष्य के प्रति भरोसा बढ़ाया है।
दयाराम भूमिहीन कृषि मजदूर हैं। अपनी कृषि भूमि नहीं होने के कारण वे वर्षों से मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं। सीमित आमदनी के चलते घर के दैनिक खर्च, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौती बना रहता था।
राज्य सरकार की भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि का उपयोग वे परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज और अन्य घरेलू खर्चों में कर रहे हैं। नियमित सहायता मिलने से आर्थिक दबाव कम हुआ है और परिवार के जीवन में स्थिरता आई है।
दयाराम का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल उनके जैसे हजारों भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।