अम्बिकापुर: कलेक्टर अजीत वसंत ने गुरुवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के साथ अम्बिकापुर के केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बालिका छात्रावास भवन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर वसंत ने कहा कि आगामी 15 अगस्त से छात्रावास का संचालन प्रारंभ किया जाना है। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन में आवश्यक मरम्मत सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को भी निर्देश दिए कि छात्रावास संचालन के लिए आवश्यक सामग्रियों हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजें।
जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का लिया जायजा, खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रस्ताव तैयार करने दिए निर्देश-
निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर वसंत अम्बिकापुर के खलीबा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, छात्रावास, मेस, रसोई सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट तैयार करने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित कर के निर्देश दिए।
पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का किया निरीक्षण, प्रशिक्षु पटवारियों से की मुलाकात-
इस दौरान कलेक्टर वसंत ने पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां संचालित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु पटवारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण से जुड़े उनके अनुभवों की जानकारी ली तथा उन्हें पूरे लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु फील्ड में भी जाकर प्रशिक्षण लेने कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे भविष्य में राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।