कोलकाता में शिवराज सिंह चौहान की समीक्षा बैठक, पश्चिम बंगाल के विकास के लिए कई बड़े फैसले

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य के मंत्रियों और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित पश्चिम बंगाल के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास, कृषि, आवास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई बड़े फैसलों और घोषणाओं की जानकारी दी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सड़क, राजमार्ग, रेलवे, मेट्रो, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कोयला और श्रम क्षेत्र से जुड़ी 82,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली 19 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, वन स्वीकृति, राइट ऑफ वे और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (State PMG) के गठन का भी सुझाव दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए ग्रामीण विकास मद में 8,508 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य के हिस्से को मिलाकर कुल संसाधन 12,064 करोड़ रुपए से अधिक होंगे। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल 100 दिन नहीं, बल्कि “सवा सौ दिन का रोजगार” सुनिश्चित करना है। साथ ही VB-G RAM G अधिनियम 2025 के तहत ग्रामीण रोजगार, आजीविका और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पश्चिम बंगाल के लिए एक लाख मकानों की अंतरिम स्वीकृति दी गई है। भारी बारिश के कारण लाभार्थी सर्वे पूरा नहीं होने पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे और भौतिक सत्यापन में तेजी लाने तथा पात्र परिवारों को जल्द आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 245 करोड़ रुपए का बैंक ऋण और 50 करोड़ रुपए का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और विपणन गतिविधियों में मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मालदा को क्लीन प्लांट प्रोग्राम से जोड़कर आम, लीची और अन्य फलों के लिए रोगमुक्त पौध तैयार किए जाएंगे। बड़ी नर्सरियों को 3 करोड़ रुपए और मध्यम नर्सरियों को 1.5 करोड़ रुपए तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का “सीड हब” बनाने की दिशा में आलू, हाइब्रिड मक्का और अन्य फसलों के बीज उत्पादन के लिए एमओयू किए गए हैं। इसके अलावा राइस, मक्का और ऑर्किड वैल्यू चेन परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आईसीएआर और राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से पश्चिम बंगाल के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय जलवायु, मिट्टी और संसाधनों के अनुसार फसल योजना तैयार होगी। साथ ही चावल अनुसंधान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाएगा ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में उन्हें सुरक्षा मिल सके। किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार के लिए नाबार्ड और बैंकों के सहयोग से गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, पीएम धन-धान्य कृषि योजना और डिजिटल एग्रीटेक जैसी योजनाओं को भी गति दी जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार के साथ कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई परियोजनाओं और योजनाओं से राज्य विकास और प्रगति की नई ऊंचाई हासिल करेगा।